गंगोत्री हाईवे पर स्थित ओपन टनल पर हो रहे लगातार भू स्खलन के समाधान हेतु बी आर ओ ने केंद्र सरकार को भेजा प्रताव।
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उत्तरकाशी – गंगोत्री हाईवे पर स्थित ओपन टनल के ऊपर लगातार भूस्खलन की घटनाओं से अब गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसी को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने इस क्षेत्र में भूस्खलन उपचार के लिए प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजा है।
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जानकारी के अनुसार, करीब 320 मीटर लंबी यह ओपन टनल वर्ष 2021 में तैयार हुई थी, ताकि गंगोत्री मार्ग पर यातायात सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। लेकिन पिछले कुछ महीनों से टनल के ऊपर का पहाड़ी हिस्सा लगातार खिसक रहा है, जिससे टनल की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
बीआरओ अधिकारियों के मुताबिक, इस भूस्खलन प्रभावित हिस्से को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी उपचार योजना तैयार कर ली गई है। प्रस्ताव में दीवार निर्माण, जाल बिछाने और जल निकासी प्रणाली को मजबूत करने जैसे उपाय शामिल हैं।
इसके साथ ही तांबाखाणी सुरंग को भी बीआरओ के अधीन लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि दोनों सुरंगों का रखरखाव और निगरानी एक ही एजेंसी के अंतर्गत की जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में इस मार्ग पर भूस्खलन का खतरा और बढ़ जाता है, जिससे यात्रियों और तीर्थयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वे चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे ताकि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो सके।
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भूस्खलन क्षेत्र का उपचार और नियमित निगरानी भविष्य में सड़क सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। यदि योजना समय पर लागू हुई, तो यह न केवल यातायात की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि गंगोत्री यात्रा को भी सुरक्षित बनाएगी।

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