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वन विभाग का वाहन दुर्घटना ग्रस्त चालक की मौत -
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वन विभाग का वाहन दुर्घटना ग्रस्त चालक की मौत

रामनगर में सड़क हादसा: वन विभाग ड्राइवर मनीष बिष्ट की दर्दनाक मौत।

वह नारी जिसने पर्यावरण के लिए ना मात्र क़दम उठाया बल्कि एक आंदोलन को जन्म दिया, गौरा देवी वह नारी जिसने चिपको आंदोलन की शुरुआत की।

रामनगर (नैनीताल) – एक सामान्य-गश्ती के अभियान के दौरान हुए सड़क हादसे ने उत्तराखंड वन विभाग को गहरे दुःख में ला दिया है। 21 नवंबर, 2025 को, वन विभाग की बोलेरो गाड़ी, जिसमें गश्त पर जाने वाले वन कर्मी सवार थे, एक सामने से आ रही ऑर्टिगा कार से टकरा गई। इस हादसे में आउटसोर्स ड्राइवर मनीष बिष्ट की मौके पर ही मौत हो गई।

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हादसे का क्रम

मनीष बिष्ट, जो कि तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आम पोखरा रेंज में पिछले तीन साल से ड्राइवर के रूप में तैनात थे, गश्ती के लिए बोलेरो गाड़ी से वन कर्मियों को लेने जा रहे थे।

पीरूमदारा के पास उनकी गाड़ी और सामने से आ रही ऑर्टिगा में जोरदार टक्कर हुई।

हादसे में ऑर्टिगा में सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

मृतक की पृष्ठभूमि

मनीष बिष्ट चिलकिया गाँव के निवासी थे और उन्हें अपने क्षेत्र में ईमानदारी और जिम्मेदारी के लिए जाना जाता था।

वन विभाग ने उनकी मृत्यु की सूचना पर तुरंत कदम उठाया और उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया है।

 

विभागीय और सामाजिक प्रतिक्रिया

वन विभाग के अन्य कर्मचारियों ने मनीष की अचानक जाने के बाद गहरा शोक व्यक्त किया है।

 

सोशल मीडिया और स्थानीय लोग यह मांग कर रहे हैं कि सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाया जाए, खासकर जंगल के इलाकों में जहाँ गश्ती गाड़ियाँ अक्सर चलती हैं।

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यह हादसा वन विभाग की गश्ती-कार्यों की कठिनाइयों और जोखिमों को उजागर करता है — सिर्फ जंगली इलाकों में काम करना ही नहीं, बल्कि सड़क धमकी भी एक स्थायी चुनौती है।

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