उत्तराखण्ड के 11 हजार से अधिक UPNL कर्मचारियों को मिलेगा समान वेतन, जीओ का ड्राफ्ट तैयार
टिहरी राजशाही के ख़िलाफ़ आंदोलन कर की 84 दिन की भूख हड़ताल , पढ़ें टिहरी के आंदोलन करी श्रीदेव सुमन की जीवनी
देहरादून –उत्तराखंड में उपनल (UPNL) के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने “समान कार्य, समान वेतन” के सिद्धांत पर अमल करते हुए करीब 11 हजार से अधिक UPNL कर्मचारियों को इसका लाभ देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए शासनादेश (GO) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।
10 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को मिलेगा लाभ
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह लाभ उन UPNL कर्मचारियों को दिया जाएगा, जिन्होंने 25 नवंबर 2025 तक न्यूनतम 10 वर्षों की निरंतर सेवा पूरी कर ली है। ऐसे कर्मचारी वर्तमान में नियमित कर्मियों के समान कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कम वेतन मिल रहा था।
कैबिनेट पहले ही दे चुकी है मंजूरी
बताया जा रहा है कि 15 जनवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है। इसके बाद वित्त विभाग द्वारा नियमों और व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन कर GO का मसौदा तैयार किया गया है।
दो माह में नए अनुबंध की प्रक्रिया
GO जारी होने के बाद संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे दो महीने के भीतर पात्र कर्मचारियों के साथ नए अनुबंध करें। इसके बाद UPNL कर्मियों को समान वेतन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
बिना पद कार्यरत कर्मियों पर भी होगा निर्णय
जो कर्मचारी बिना स्वीकृत पद के वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत लाने की तैयारी है। ऐसे मामलों में पद सृजन को लेकर सरकार अलग से निर्णय ले सकती है।
लंबे समय से चल रही थी मांग
UPNL कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से समान वेतन की मांग की जा रही थी। कई बार आंदोलन और ज्ञापन भी दिए गए। सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
सरकार के इस फैसले की खबर सामने आते ही UPNL कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि कार्यस्थल पर सम्मान भी बढ़ेगा।
